ब्रिटिश शासन Part – 1

ब्रिटिश शासन Part – 1

प्रश्न 1. भारत के विरूद्ध ब्रिटिश सफलता एक घटना थी या प्रक्रिया का परिणाम। टिप्पणी कीजिए ? (1989)

प्रश्न 2. वे कौन से महत्वपूर्ण कारक थे जिसके कारण ईष्ट इंडिया कंपनी ब्रिटिश साम्राज्य में रूपान्तरित हो गई ? (1992)

प्रश्न 3. ब्रिटिश साम्राज्य की सफलता के लिये आंतरिक व बाह्य दोनों कारक जिम्मेदार थे। चर्चा कीजिए ?

प्रश्न 4. ब्रिटिश सफलता। ब्रिटेन द्वारा भारत की विजय एक आधुनिक देश की एक सांमतवादी देश पर विजय थी ? चर्चा कीजिए।               या

ब्रिटेन ने भारत की विजय जिस रणनीति के दम पर किया उसमें सबसे महत्वपूर्ण पूँजीवाद था। स मत से आप कहाँ तक सहमत है।

ढ़ाँचा –

  • ब्रिटेन भारत क्यों आया ?
  • उसके समक्ष चुनौतियाँ ?
  • समाधान।
  • रणनीति/सफलता के कारक।
मध्यकाल-यूरोपआधुनिक-यूरोप
राजनीति – सामंतवादराजनीति – राजतंत्र
अर्थव्यवस्था – बंद अर्थव्यवस्थाअर्थव्यवस्था – खुली अर्थव्यवस्था
समाज – कुरीति प्रधान समाजसमाज – आधुनिक/खुलापन/पूनर्जागरण/प्रबोधन युग
धर्म – अंधविश्वास/चर्च का बोलबालाधर्म – अब चर्च का प्रभाव कम होना तथा धर्म में तार्किकता
दर्शन व संस्कृति – अंधविश्वासी उपभोग प्रधानदर्शन – तर्क बुद्धि
कला – धर्म आधारितकला – धर्म से कला का पृथ्ककरण।

ब्रिटेन भारत क्यों आया –

  • व्यापार करने के लिए।
  • ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति चल रही थी जिसकी सफलता के लिए उसे बाजार चाहिए था। साथ ही साथ कच्चे मालों की आपूर्ति करने वाला उपनिवेश भी।
  • अत्यधिक मुनाफा कमाने के लिए।
  • वाणिज्यवाद को सफल बनाने के लिए।
  • धर्म के प्रचार हेतु।

 

  • वाणिज्यवाद – एक ऐसी विचारधारा जो संसाधनों को सीमित मानता है, व्यापार संतुलन हमेशा अपने पक्ष में देखता है, इसलिए निर्यात पर कर नहीं लगाता है, आयात पर भारी कर लगाने की बात करता है।
  • पूँजीवाद – एक ऐसी विचारधारा है जो पूँजी को प्रधान मानती है तथा निवेश की बात करता है। तथा इस निवेश के दौरान पूँजी निर्माण की पूरजोर वकालत करता है।
  • उपनिवेशवाद – एक ऐसी आर्थिक विचारधारा जो उपनिवेश बनाने की बात करता है।
  • साम्राज्यवाद – एक ऐसी राजनीतिक विचारधारा जो साम्राज्य को स्थापित करने की बात करता है तथा उसे तार्किक मानता है। लेनिन ने साम्राज्यवाद को उपनिवेशवाद की अंतिम अवस्था कहा है।

ब्रिटेन के समक्ष चुनौतियाँ –

  1. मजबूत मुगल सत्ता।
  2. अन्य विदेशी कंपनियाँ।
  3. सांस्कृतिक विविधता।
  4. जलवायु विविधता।
  5. अन्य प्रान्तीय राज्य यथा उत्तराधिकारी राज्य, विद्रोही, स्वतंत्र।
  6. वाणिज्यवाद के उद्धेश्य को किसी भी शर्त पर पूरा करना।

समाधान –

  1. मुगल सत्ता के साथ विभिन्न समयों में संधि की तथा महत्वपूर्ण व्यापारिक लाभ प्राप्त किया। जैसे – जहाँगीर के द्वारा हॉकिन्स को दिया गया लाभ, फर्रूखसियर द्वारा दिया जाने वाला फरमान।
  2. इसके लिए उसने दो रणनीति बनाई – प्रलोभन देकर युद्ध के लिए आमंत्रित करना।
  3. नये-नये संगठनों का निर्माण किया गया तथा भारतीय संस्कृति को समझने के लिए लॉर्ड वेलेजली तथा हेस्टिग्स जैसे लोगों को भारत भेजा गया। इनके द्वारा भारतीय सांस्कृतिक विशेषताओं का महत्त्वपूर्ण अनुसंधान किया गया।
  4. जलवायु विविधता की समस्या का समाधान हेतु अंग्रेजों के द्वारा छोटे-छोटे पहाडी रियासतों को ब्रिटिश प्रांत में मिलाया गया वहीं पर अपना निवास स्थापित किया गया। मांउट आबू, शिमला, धर्मशाला
  5. ब्रिटिश साम्राज्य ने क्षेत्रीय प्रांतों की समस्या का समाधान हेतु दो रणनीतियों का सहारा लिया गया –   1.  सहायक संधि।    2.  हड़प नीति।

ब्रिटिश सफलता के प्रमुख कारण –

  1. भारत में मौजूद सामन्तवादी प्रवृत्तियाँ।
  2. कमजोर मुगल सत्ता।
  3. प्रान्तीय राज्यों के मध्य गुटबाजी।
  4. प्रान्तीय राज्यों का धर्म, जाति, क्षेत्र के आधार पर बंटा होना।
  5. विकेन्द्रीकरण की प्रवृति के कारण राजकोष में होने वाली कमी से उत्पन्न वित्तीय समस्या।
  6. राज्यों के बीच सैन्य व्यवस्थागत दोष – समन्वय का अभाव, कुशलनेतृत्व का अभाव, तकनीक का अभाव
  7. सर्वश्रेष्ठ नौसेना।
  8. अंग्रेजों में रणनीति बनाने तथा कुटनीति करने की दक्षता का होना। इसके कारण उसने कभी भी दो क्षेत्रीय राज्यों को एक नहीं होने दिया। जैसे – मराठा, निजाम, मैसूर।
  9. जब ब्रिटेन में वाणिज्यवाद का दौर चल रहा था उस समय भारत में सामंती प्रवृतियाँ हावी थी।

विस्तार ब्रिटिशों का

भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर अंग्रेजी नियंत्रण की स्थापना –

  • नियंत्रण से सम्बंधित ब्रिटिश रणनीति –
  • साम्राज्य विस्तार/क्षेत्रों की पृष्ठभूमि

 

  • राजनीतिक सत्ता का रूपान्तरण।
  • रूपान्तरण को प्रभावित करने वाले कारक।
  • सत्ता रूपान्तरण का महत्व।

ब्रिटिश रणनीति –

  1. व्यापारिक एकाधिकार की रणनीति – इस रणनीति के अन्तर्गत उसने बाहरी व्यापारिक कंपनियों को विस्थापित किया तथा आंतरिक व्यापारिक कंपनियों को शक्तिहीन बनाया।
  2. वाणिज्यवादी नीति का सहारा – इस नीति में इस रणनीति का सहारा तभी लेती है जब वह भलीभांति स्थापित हो जाती है। इस रणनीति में उठाए गए निम्न कदम थे –

Que. 5. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारतीय राज्यों पर नियंत्रण उसकी सोची समझी रणनीति का एक परिणाम था। इस मत से आप कहाँ तक सहमत है।

Que. 6. ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा भारतीय राज्यों पर नियंत्रण स्थापित करना उपनिवेशवाद की एक आसान प्रक्रिया है। जो सार्वभौमिक होता हैं। चर्चा कीजिए।

क्षेत्र के प्रकार –

  • उत्तराधिकारी राज्य – वैसा राज्य जो मुगल राजत्व के अन्तर्गत बना हुआ हो। अर्थात् इसकी स्थापना मुगल साम्राज्यों के महत्वपूर्ण अधिकारियों के द््वारा की गई। चुंकि यह मुगलों के उत्तराधिकारी थे इसलिए इनके द्वारा स्थापित राज्य उत्तराधिकारी राज्य कहते है। जैसे – बंगाल-मुर्शीद कुली खाँ।
  • स्वतंत्र राज्य – इन राज्यों ने मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।
  • विद्रोही राज्य – ऐस राज्य जिनकी स्थापना विद्रोह का प्रतिफल था। लेकिन यह विद्रोह मजबूत मुगल सत्ता के विरूद्ध किया गया।

Que. 7. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने सबसे पहला नियंत्रण उत्तराधिकारी राज्यों पर ही क्यों स्थापित किया ?

क्योंकि –

  1. यह मुगलों के उत्तराधिकारी थे। तथा अभी भी उत्तरवर्ती मुगलों का अस्तित्व बचा हुआ था।
  2. उत्तराधिकारी राज्य वैध थे और प्रजा की भावनाएँ शासक के साथ थी। अतः ईस्ट इंडिया कंपनी के समक्ष कभी चुनौती उत्पन्न हो सकती थी।
  3. वित्त के मामले में काफी धनी राज्य थे। अतः उपनिवेशवाद का सर्वाधिक लक्ष्य यहीं से पूरा हो सकता था।
  4. उत्तराधिकारी राज्य में सबसे पहले बंगाल को इसलिए चुना क्योंकि –

a. बंगाल को वह अपना महत्वपूर्ण व्यापारिक अड्डा बनाना चाहता था। ताकि दक्षिण – पूर्वी एशिया के साथ होने वाले व्यापार को यहाँ से नियंत्रित कर सके।

b. चुंकि यूरोप में खासकर ब्रिटेन में जमींदारी व्यवस्था थी, बंगाल में उस समय जमींदारी व्यवस्था ही थी। अपनी वाणिज्यवादी नीति को स्थापित करने के लिए उसे बंगाल से बेहतर आधार कहीं नहीं मिलता।

c.  ब्रिटिश नौसेना दुनियाँ की सर्वश्रेष्ठ नौसेना थी। बंगाल की भौगोलिक अवस्थिति इसके अनुकूल थी।

d. चुंकि यूरोप में सूती कपड़ा व मसाले की सबसे ज्यादा मांग थी और वाणिज्यवादी रणनीति के तहत् वह बिना बुलियन के इन दोनों को प्राप्त करना चाहता था, ऐसे में बंगाल में की गई बंदोबस्ती व्यवस्था से उनका यह उद्धेश्य पूरा होता था।

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