ब्रिटिश शासन Part – 2

ब्रिटिश शासन Part – 2

  • Que. 8. ब्रिटिश सत्ता के रूपान्तरण प्रक्रिया को समझाते हुए उन कारकों को रेखांकित कीजिए जिन्होंने ऐसा करने में उनकी मदद की।
  • Que. 9. वह सहायक संधि ही था जिसने स्थानीय राजनीतिक सत्ता का रूपान्तरण कर दिया। टिप्पणी कीजिए।
  • राजनीतिक सत्ता के रूपान्तरण का अर्थ –
  • सहायक संधि क्या है ?
  • सहायक संधि ने रूपान्तरण को कैसे संभव बनाया।
  • क्या सहायक संधि ने सच में रूपान्तरित कर दिया।

रूपान्तरण का अर्थ है किसी भी संस्था में होने वाले बहुमुखी सुधार/बदलाव

         सहायक संधि का अर्थ है कि दो पक्षों के बीच सहायता परस्पर के उद्धेश्य से की जाने वाली संधि। यद्यपि यहाँ पर यह भाम्रक शब्द है अंग्रेजों ने इस संधि के द्वारा सहायता की जगह पर सब कुछ दिया।

               निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि सहायक संधि ने रूपान्तरण के मार्ग को आगे बढ़ाया जबकि उसको पूरा करने का कार्य हड़प की नीति ने किया।

  • Que. 10. हड़प नीति सहायक संधि का अगला कदम था। स्पष्ट कीजिए।
  • Que. 11. बिना सहायक संधि के हड़प की नीति संभव नहीं थी। इस मत से आप कहाँ तक सहमत है।
  • Que. 12. सहायक संधि के बिना ब्रिटिश उपनिवेशवाद कैसी होती ? चर्चा कीजिए।
  1. सहायक संधि का अर्थ –
  2. उपनिवेशवाद क्या है ?
  3. सहायक संधि एवं उपनिवेशवाद में संबंध पूरक/विरोधी है।
  4. निष्कर्ष – सहायक संधि के बिना उपनिवेशवाद सायद इतना मजबूत नहीं हो पाता। यह संभव है कि वह अपनी उच्चतम अवस्था साम्राज्यवाद तक नहीं पहुँच पाता। लेकिन ध्यान देने योग्य बात है कि इतिहास कभी संभावना पर नहीं चलता है। इतिहास वास्तविकता है मिथक नहीं। सच तो यह है कि यदि सहायक संधि नहीं होती तो उसकी जगह पर अन्य रणनीति होती।

रूपान्तरण को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक –

  1. भारतीय स्थानीय राजाओं का मध्यकालीन चरित्र सांमती चरित्र
  2. परस्पर युद्ध में संलग्न रहने के कारण उत्पन्न राजनीतिक शून्यता।
  3. स्थानीय प्रशासन में गुटबाजी तथा षंड़यंत्र का महौल जबकि अंग्रेजों के पास एक लक्ष्य एवं संगठन था। इसके साथ-साथ उनका नेतृत्व बेहतर था।
  4. भारतीय शासकों की अकर्मण्यता ने प्रशासक वर्ग में अनैतिकता का महौल उत्पन्न कर दिया।
  5. अंग्रेजों की सर्वश्रेष्ठ नौसेना इत्यादि।
  • Que. 13. भारतीय स्थानीय शासकों में उत्पन्न मध्यकालीन प्रवृत्तियों ने भारत को गुलाम बनाया न कि अंग्रेजों ने। स्पष्ट करें।
  • Que. 14. ब्रिटिश सत्ता रूपान्तरण आज हमारे लिये एक महत्वपूर्ण इनपुट कैसे है ? स्पष्ट कीजिए।
  • Que. 15. बिना ब्रिटिश सत्ता रूपान्तरण के भारत हमेशा मध्यकालीन प्रवृत्तियों में रहता और यह प्रवृत्तियाँ हावी होती है। इस मत से भाप कहाँ तक सहमत है ?
  • Que. 16भारत के विरूद्ध ब्रिटिश विजय एक घटना थी या प्रक्रिया का परिणाम। टिप्पणी कीजिए।

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत आगमन के पीछे निम्नलिखित उद्धेश्य थे, जैसे –

  • व्यापारिक लाभ कमाना।
  • वाणिज्यकवाद की विचारधारा को सफल बनाना।
  • औद्योगिक क्रांति को ब्रिटेन में सफल बनाना तथा इसके आधार पर पूँजीवाद प्रोत्साहित करना।

          प्रश्न यह उठता है कि भारत पर ब्रिटिश विजय एक घटना थी या प्रक्रिया का परिणाम ? घटना का अर्थ होता है आकस्मात होना अर्थात यह सुनिश्चित नहीं होता, वहीं प्रक्रिया का अर्थ होता है, एक सुव्यवस्थित तथा सुनियोजित विचार।

ब्रिटिश इंडिया कंपनी तथा आगे चलकर ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा भारत की विजय प्राप्त करना एक प्रक्रिया का परिणाम था क्योंकि –

  • ईस्ट इंडिया कंपनी का निर्माण की प्रक्रिया तथा उसका स्वरूप पूर्णतः व्यवस्थित था और सुक्ष्म विश्लेषण करने से यह भी जानकारी मिलती है कि अधिकारियों का वर्गीकरण उनके अधिकार एवं दायित्व के साथ किया गया तथा वे आपस में संतुलन एवं प्रतिसंतुलन के सिद्धांत पर आधारित थे। जैसे –
डायरेक्टर
प्रोपराइटर
सिनियर मर्चेन्ट
जूनियर मर्चेन्ट
फ्रैक्टर
  • ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा अपनाई जाने वाली रणनीति जैसे – व्यापारिक एकाधिकार, वाणिज्यकाधिकार, व्यापारिक संरक्षण की नीति, शक्ति अभिवृद्धि की नीति, सहायक संधि तथा हड़प की नीति इत्यादि। सभी इनमें से एक-दूसरे का अगला चरण। अर्थात् ब्रिटिश विजय एवं नियंत्रण एक घटना नहीं हो सकता।
  • व्यापारिक लाभ को देखते हुए उसमें मात्रात्मक वृद्धि के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी ने सबसे पहले कार्नवालिस के समय मजबूत बंदोबस्ती प्रणाली को लागू किया। ऐसा करते हुए उसने दोहरा लाभ कमाया इस लाभ के आधार पर अपने मातृदेश को मजबूत किया।

         यदि जीत घटना होती तो उपरोक्त तमाम रणनीतियाँ व्यवस्थित रूप में नहीं दिखती। व्यवस्था हमेशा व्यवस्थापक की ओर संकेत करता है। अतः ब्रिटिश जीत भी कई-कई किसी विचार एवं विचारक को इंगित करता है और वह उपयोगितावाद था।

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